u/8KeYuR8

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OC - आदत

तेरी यादों की दिल में हिफ़ाज़त सी हो गई है, कि हर धड़कन को तुझसे मोहब्बत सी हो गई है।

लत नहीं मुझे वैसे और किसी चीज़ की, तेरी न जाने क्यों आदत सी हो गई है।

ख़ुदा की बंदगी यूँ तो दस्तूर में न थी, अब हर साँस तेरी इबादत सी हो गई है।

नींद चैन सब छीन गया है आने से तेरे, महबूबा मेरी किसी आफ़त सी हो गई है।

मरता हूँ तुझ पे तो फ़ख्र महसूस होता है, क़ुर्बानी ये मेरी किसी शहादत सी हो गई है।

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u/8KeYuR8 — 6 hours ago
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Parveen Shakir

वो तो ख़ुशबू है, हवाओं में बिखर जाएगा,

मसला फूल का है, फूल किधर जाएगा?

- परवीन शाकिर

u/8KeYuR8 — 2 days ago
▲ 10 r/shayri

Jaun Elia

कितने ऐश से रहते होंगे, कितने इतराते होंगे,

जाने कैसे लोग वो होंगे, जो उसको भाते होंगे।

- जौन एलिया

u/8KeYuR8 — 4 days ago
▲ 3 r/shayri

जिसे पाने की सबको ही आस है, देखो

वो आज बस मेरे ही पास है, देखो

वो सपना बन के बसती है हर जवाँ नज़र में,

मेरी तो हक़ीक़त ही इतनी ख़ास है, देखो।

u/8KeYuR8 — 7 days ago
▲ 10 r/shayri

मृगजल से वो ख़्वाब

कभी मुकम्मल ना हो पाए,

ना तो उन्हें नींद आई,

और ना ही हम सो पाए।

u/8KeYuR8 — 8 days ago
▲ 6 r/shayri

ये जो कागज़ की कश्ती है,

कुछ ऐसी ही मेरी हस्ती है।

कहाँ डूब जाऊँ, क्या पता,

किसे मिल जाऊँ, क्या पता।

u/8KeYuR8 — 9 days ago
▲ 11 r/shayri

आरज़ू जो भी हो, ज़रा तमीज़ से अर्ज़ कीजिए

आशिक और मुलाज़िम में कुछ तो फ़र्क कीजिए

u/8KeYuR8 — 10 days ago
▲ 1 r/shayri

आरज़ू जो भी हो, ज़रा तमीज़ से अर्ज़ कीजिए

आशिक और मुलाज़िम में कुछ तो फ़र्क कीजिए

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u/8KeYuR8 — 11 days ago