▲ 1 r/shayarimeri
1.*टूटत*े हुए तारों का** आ**समां सा खिला,
ख़्वाहिशें थीं मेरी हज़ार,
माँगी** थी ख़ुशी, पर** ये ग़म जो मिला,
तू** है** भी और** ह**ै नहीं,
तुझे तुझसे ही** माँगना पड़े** — ये कैसा सिला?
बेरहम** सी ज़िं**दगी मेरी,
जैसे फूल** हो कोई** काटों में खिला
*2.कैस*े कहे** उसे**** जिसे**** कहनी है ****मन **की प्रीत कहानी
देर** रात जागे है मजनू ** बातें लिए पुरानी .....
यूँ घुमराहों की तरह** पोहचा** हूँ तेरे शहर में
और कहती** है "काफ़िर" तू **मुझे दीवानी....🥀
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u/Fun-Distribution451 — 22 days ago